Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

झारखंड हाईकोर्ट ने सुखदेवनगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर लगाई रोक, अगली सुनवाई तक यथास्थिति के आदेश

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

रांची। राजधानी रांची के सुखदेवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर झारखंड उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। न्यायालय के इस आदेश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिली है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश शंकर की एकल पीठ में हुई।

दरअसल, रौनक कुमार सहित 11 लोगों की ओर से उच्च न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था। हस्तक्षेपकर्ताओं का कहना है कि जिस जमीन पर वे रह रहे हैं, उसके संबंध में उनके पास सेटलमेंट एग्रीमेंट है और वे उस जमीन के लिए करीब सवा करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मूल याचिकाकर्ता ने अदालत से महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए और उन्हें मामले में प्रतिवादी नहीं बनाया गया, जिससे वे अपना पक्ष अदालत के समक्ष नहीं रख सके।

अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान हेहल के अंचल अधिकारी (सीओ) को निर्देश दिया है कि हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से दिए गए आवेदन पर कोई आदेश पारित किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी न्यायालय को दी जाए। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने अदालत में पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

उल्लेखनीय है कि इस मामले में महादेव उरांव ने अपनी 48 डिसमिल जमीन खाली कराने की मांग की थी। इस पर उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2024 में अंचल अधिकारी, हेहल को उक्त जमीन खाली कराने का निर्देश दिया था। हाल ही में जिला प्रशासन ने खादगढ़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 घरों को तोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी, जिसका स्थानीय निवासियों ने विरोध किया।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये की दर से जमीन खरीदी है और वर्षों से वहां घर बनाकर रह रहे हैं। लोगों के अनुसार, 38.25 डिसमिल जमीन के लिए उन्होंने कुल लगभग 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये का भुगतान किया था। इसके बावजूद अब उन्हें बेदखल किया जा रहा है, जिससे उनमें आक्रोश है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

उच्च न्यायालय की ओर से कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के बाद फिलहाल प्रभावित लोगों को राहत मिली है। अब अदालत द्वारा मांगी गई रिपोर्ट और अगली सुनवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031