गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले में अंधविश्वास की एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां डायन-बिसाही के संदेह में एक ही परिवार के तीन लोगों की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवडांड इलाके के बिशु टोला डांगा गांव की है, जहां सोमवार रात इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतकों की पहचान दरबारी मुर्मू (45), उनकी पत्नी मक्कू बास्की (40) और उनके पुत्र जीतराम मुर्मू (13) के रूप में हुई है।
मंगलवार की सुबह स्थानीय चौकीदार की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही थानों की पुलिस टीम के घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू किया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक की बड़ी बेटी सुनीता मुर्मू ने गांव के ही कुछ लोगों तालाबाबु मुर्मू, संतोष मुर्मू और हेमलाल मुर्मू पर हत्या का आरोप लगाया है। सुनीता के अनुसार, आरोपितों की ओर से लंबे समय से उनके माता-पिता पर डायन-बिसाही का आरोप लगाया जा रहा था। गांव में किसी के बीमार होने पर भी उनके परिवार को दोषी ठहराया जाता था और कई बार मारपीट की घटनाएं भी हुई थीं। आरोप है कि सोमवार की रात को इन्हीं लोगों ने कुल्हाड़ी से हमला कर तीनों की हत्या कर दी।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपितों के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया और लोगों को शांत कराया।
उल्लेखनीय है कि बिशु टोला डांगा एक आदिवासी बहुल गांव है, जहां करीब 150 घरों में लगभग 600 की आबादी निवास करती है। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला डायन-बिसाही से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है।





