जेवर एयरपोर्ट अब कहलाएगा ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’, योगी कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

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—प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर यूपी सरकार का फैसला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास में उनके योगदान को बताया सम्मान का प्रतीक

लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिए गए इस फैसले को मुख्यमंत्री ने उनके मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान के प्रति सम्मान तथा आभार का प्रतीक बताया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में सरकार के मुखिया रहते हुए 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूरी की। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह यात्रा सेवा, समर्पण, राष्ट्र प्रथम, जनकल्याण और जनभागीदारी की भावना से जुड़ी रही है।

जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी परियोजना है। इससे आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और वैश्विक संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसी दृष्टि से मंत्रिमंडल ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किए जाने का प्रस्ताव पारित किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही।

काशी से जेवर तक उत्तर प्रदेश के विकास का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उत्तर प्रदेश की धरती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके अनुसार, काशी के विकास, आध्यात्मिक पुनर्जागरण और प्रदेश के समग्र विकास के बीच नया संबंध स्थापित हुआ है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क और परिवहन ढांचे के विस्तार से प्रदेश में संपर्क व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर से औद्योगिक विकास को गति

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरता हुआ बताया। उन्होंने कहा कि दादरी ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन बन चुका है। प्रदेश से 1,050 किलोमीटर से अधिक लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजर रहा है।

उन्होंने वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज का भी उल्लेख किया। इसके अलावा लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1,000 एकड़ में प्रस्तावित पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क को औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजनाएं बताया।

किसान सम्मान निधि से तीन करोड़ से अधिक किसानों को लाभ

किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 86 लाख किसानों की ऋणमाफी भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को किसानों की आर्थिक सहायता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों से जोड़ा।

आवास, खाद्यान्न और स्वास्थ्य योजनाओं का ब्योरा

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 3.67 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में लगभग 6.08 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं और 9.90 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिला है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1.09 करोड़ से अधिक मरीजों को 18,798 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार का लाभ मिला है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 3.37 करोड़ से अधिक शौचालय और 59,183 सामुदायिक शौचालय बनाए जाने की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है।

महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि लखपति दीदी अभियान के तहत 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 15 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी भी उन्होंने दी।

स्वामित्व योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 91 हजार से अधिक गांवों में काम हुआ है और 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घरौनी के रूप में संपत्ति का प्रमाण मिला है। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के साथ ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का भी उल्लेख किया।

‘एक जिला-एक उत्पाद’ से यूपी के हुनर को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने काशी की गुलाबी मीनाकारी, निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज के इत्र और लखनऊ की जरदोजी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान मिली है।

युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधन

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 62 लाख से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में 9.50 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं, जबकि 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने रोजगार मेलों, आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से 31.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, काशी में आधुनिक खेल परिसर और नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

राममंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और महाकुंभ का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के योगदान को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से भी जोड़ा। उन्होंने अयोध्या में राममंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास तथा प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि करीब 100 वर्ष पुरानी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा विदेश से वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनर्स्थापित की गई। भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी, काशी तमिल संगमम, बौद्ध सर्किट, संत रविदास जन्मस्थली विकास परियोजना और चौरी-चौरा शताब्दी आयोजन को भी उन्होंने सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयासों में शामिल किया।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए भी काम किया गया है। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को उत्तर प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान के राष्ट्रीय सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

इस तरह जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव के साथ उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया।

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