पलामू, 03 अगस्त । झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित मेधा घोटाले की जांच तेज हो गई है। मामले में सोमवार को सीआईडी और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले में दो आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री की तकनीकी और फोरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सिंह और रविशंकर कुमार के ठिकानों पर छापा
सीआईडी की टीम ने मेदिनीनगर के हमीदगंज स्थित बीएन कॉलेज के पास संतोष कुमार सिंह के आवास और उनके नौडीहा बाजार स्थित पैतृक घर की तलाशी ली।
इसके अलावा दूसरे आरोपित रविशंकर कुमार के मेदिनीनगर के बारालोटा स्थित हनुमान नगर आवास पर भी कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया।
जांच टीम ने दोनों ठिकानों से कथित तौर पर मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए हैं।
सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई
छापेमारी अभियान में सीआईडी टीम के साथ पलामू पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। अभियान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
टीम में सदर एसडीपीओ राजेश यादव, विश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीव मंडल और छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
फोरेंसिक जांच के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज मिले हैं। इनकी तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दलाल नेटवर्क और परीक्षा एजेंसी की भूमिका की भी जांच
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की जांच अब केवल परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी कथित दलाल नेटवर्क, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि जब्त किए गए लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे कथित नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
राज्यभर में 15 ठिकानों पर हुई छापेमारी
जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के तहत सोमवार को सीआईडी ने झारखंड के कई जिलों समेत अन्य स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।
रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत कई जगहों पर कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई। सीआईडी ने यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में जुटाए गए तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर की है।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस कार्रवाई से कथित घोटाले में शामिल लोगों और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।






