चंडीगढ़। पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी नेता की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस हत्या की जिम्मेदारी जहां एक गैंगस्टर ने ली है। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव भी बाद दोपहर जालंधर पहुंचे और हत्या के आरोपियों के जल्द गिरफ्तार होने का दावा भी किया है। प्रारंभिक जांच में यह हत्या यहां के खालसा कॉलेज में प्रधानगी को लेकर होने के संकेत मिले हैं।
जालंधर में शुक्रवार की सुबह स्कूटी सवार दो युवकों ने आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह 53 साल के थे। हमलावरों ने लक्की ऑबराय के सीने में पांच व सिर में एक गोली मारी। पुलिस जांच के दौरान गोलियां चलते हुए युवक का सीसीटीवी फुटेज भी समाने आया है। ओबेरॉय आम आदमी पार्टी से जालंधर कैंट में वार्ड-35 के इंचार्ज थे। उनका 5 दिन पहले ही जन्म दिन था। पुलिस जांच में सामने आया कि गैंगस्टर शेरू ग्रुप ने 25 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धमकी दी थी।
लक्की ओबरॉय ने गुरुवार की रात एक पोस्ट डालकर कहा था कि शुक्रवार को खुरालगढ़ में होने वाले कार्यक्रम के लिए हलके से 2 बसें रवाना की जाएंगी। आज सुबह आठ बजे यहां से बसें रवाना करने का कार्यक्रम था। उससे पहले ही लक्की की हत्या कर दी गई।

पुलिस के अनुसार वह नियमित तौर पर गुरुद्वारे में आते थे। माना जा रहा है कि हमलावर उनकी रेकी कर रहे थे। हमलावरों को उनकी थार के बारे में भी पता था। इसलिए वह लक्की ओबेरॉय का पीछा करते हुए वहां तक पहुंचे। हमलावरों ने गुरुद्वारे से बाहर आने के बाद लक्की का थार में बैठने तक इंतजार किया। पुलिस को शक है कि यह टारगेट किलिंग है, जिसके पीछे गैंगस्टर हो सकते हैं। लक्की ओबेरॉय के मर्डर को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया।
लक्की ओबरॉय पर गोलियां चलाने के मामले में हत्या की जिम्मेदारी जस बुट्टर ने ली है। उसने पोस्ट शेयर कर लिखा- जब हमने खालसा कॉलेज जालंधर का प्रधान लगाया था, तो सबको बता कर लगाया था। आज कुछ लोग उठकर बोलने लगे हैं कि प्रधानगी वापस ले ली जाए। खालसा कॉलेज जालंधर में शेरू ग्रुप से प्रधान लगाया जाता है। सरदार नछत्तर सिंह बेई की ओर से हर साल प्रधान तय किया जाता है। इसके बाद सभी लोग शेरू ग्रुप से सलाह करके प्रधान का नाम जारी करते हैं। पुलिस इस पोस्ट को लेकर कुछ नहीं बोल रही है। एसीपी जयंत पुरी ने बताया कि पुलिस को इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं। बहुत जल्द इसका खुलासा होने की उम्मीद है। इस बीच डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर का दौरा करके पुलिस अधिकारियों को एसआईटी का गठन करके जांच करने के निर्देश दिए हैं।





