कोलकाता, 09 सितंबर। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘लाल सलाम’ जैसे नारे लगाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी ताकतों को “उखाड़ फेंकने” का संकल्प ले चुके हैं और भगवा रंग का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया
अधिकारी ने गोलपार्क से जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर तक निकाली गई करीब तीन किलोमीटर लंबी ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया। यात्रा के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर आयोजित सभा को संबोधित किया।
उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय को श्री अरविंद की धरती बताते हुए इसे शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बताया।
‘भगवा रंग का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा’
सभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि वह भगवा रंग का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जादवपुर विश्वविद्यालय से ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘लाल सलाम’ जैसे नारों को मिटाने के लिए वह संकल्पित हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे नारों का समर्थन करने वालों और किसान आंदोलन के समर्थन में खड़े होने वालों के खिलाफ भी वह कड़ा रुख अपनाएंगे।
गीता पाठ और हनुमान चालीसा का किया ऐलान
अधिकारी ने कहा कि वह दोबारा जादवपुर आएंगे और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवा रंग का अपमान करने वालों को “सबक सिखाया जाएगा।” उन्होंने इसके लिए गीता पाठ और हनुमान चालीसा के आयोजन की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह स्वामी विवेकानंद की धरती है और यहां भगवा कायम रहेगा। अधिकारी ने तीन दिवसीय वैदिक पाठ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा करते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
साधु-संत और भाजपा कार्यकर्ता हुए शामिल
भगवा वस्त्र पहने और हाथ में भगवा झंडा लेकर अधिकारी ने यात्रा का नेतृत्व किया। इसमें बड़ी संख्या में साधु-संत, नागा साधु और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए गए।
एक नागा साधु ने कहा कि उन्होंने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया और अपनी आस्था की रक्षा के लिए हथियार उठाए, इसके बावजूद उनका अपमान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए अधिकारी का आभार जताया।
वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी में टकराव
जादवपुर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से वामपंथी छात्र संगठनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बीच राजनीतिक और वैचारिक टकराव बढ़ने की बात सामने आई है। परिसर में झड़पों, दीवारों पर लिखे नारों और नारेबाजी को लेकर विवाद तेज हुआ है।
भाजपा के एक नेता ने कहा कि ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का उद्देश्य भगवा रंग की “गरिमा” कायम रखना था। पार्टी भगवा रंग को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम के बाद फिर जादवपुर पहुंचे अधिकारी
यह यात्रा अधिकारी के विश्वविद्यालय परिसर के बाहर आयोजित उस कार्यक्रम में शामिल होने के दो सप्ताह से भी कम समय बाद निकाली गई, जिसमें करीब 10 हजार लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गीत गाया था।
उस कार्यक्रम में अधिकारी ने माकपा नीत वाम मोर्चे और तृणमूल कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों दलों ने लोगों के बीच “राष्ट्रवाद की भावना को कमजोर” होने दिया है।






