रांची, 26 अगस्त । धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने डुमरी विधायक जयराम महतो समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि पांच दिनों के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई तो राज्यभर के पुलिस पदाधिकारी और जवान आंदोलन करेंगे।
पुलिस एसोसिएशन ने सरकार को दी चेतावनी
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने घटना के विरोध में पुलिसकर्मियों के काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने और ड्यूटी पर नहीं लौटने के निर्णय के लिए केंद्रीय संगठन से अनुमति मांगी है।
केंद्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के मुताबिक, यदि पांच दिन के भीतर विधायक जयराम महतो और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो राज्य की सभी शाखाओं के पदाधिकारी और सदस्य सामूहिक आंदोलन करेंगे।
21 अगस्त की रात फोन पर धमकी देने का आरोप
एसोसिएशन के अनुसार, 21 अगस्त की रात बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को जयराम महतो ने फोन किया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि तबादला होने के बावजूद राज्य के जिस थाने में वे रहेंगे, वहां उनकी नौकरी बर्बाद कर दी जाएगी।
एसोसिएशन का आरोप है कि फोन के बाद देर रात विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी की टेबल पर रखे सामान को इधर-उधर किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
करीब 10 लोगों को बनाया गया है आरोपित
पुलिस एसोसिएशन के मुताबिक, घटना को लेकर बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 146/26 के तहत 22 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 224, 132, 351(2), 352 और 3(5) लगाई गई हैं।
मामले में विधायक जयराम महतो समेत करीब 10 लोगों को आरोपित बनाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
सोशल मीडिया बयानों पर भी जताई आपत्ति
एसोसिएशन ने जयराम महतो की ओर से सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई है। संगठन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए वीडियो जारी किए जा रहे हैं।
एसोसिएशन ने यह भी दावा किया है कि विधायक की ओर से थाना प्रभारी को ऑफ ड्यूटी पीटने की बात कही गई है। संगठन ने ऐसे बयानों को पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।
‘पुलिसकर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं’
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा कि पुलिस पदाधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान एवं गरिमा की रक्षा करना संगठन का दायित्व है। प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने सरकार और पुलिस प्रशासन से तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि पांच दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर के पुलिसकर्मी सामूहिक आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।






