—जमशेदपुर के बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में हादसा, आग की लपटें उठते ही मेले में मची अफरा-तफरी; सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित
पूर्वी सिंहभूम, 26 अक्टूबर। जमशेदपुर के बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में रविवार रात मेले के दौरान मौत के कुएं में बाइक से करतब दिखाते समय बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार में स्टंट कर रही युवती की बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते मोटरसाइकिल आग की लपटों से घिर गई और युवती झुलस गई। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवती को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि बाइक जलकर खाक हो गई।
20 फीट ऊंचे लकड़ी के ढांचे में चल रहा था शो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में लगे मेले में रविवार रात मौत के कुएं का शो चल रहा था। करीब 20 फीट ऊंचे लकड़ी के ढांचे के भीतर युवती तेज रफ्तार से बाइक चला रही थी। कुएं के ऊपरी हिस्से में बने मंच पर खड़े दर्शक करतब देख रहे थे।
इसी दौरान बाइक के इंजन के पास से धुआं और चिंगारी निकलने लगी। कुछ ही देर में मोटरसाइकिल में आग भड़क उठी। आग फैलने और संतुलन बिगड़ने के कारण युवती गिर गई और झुलस गई।
आग लगते ही दर्शकों में मची भगदड़ जैसी स्थिति
हादसे के बाद दर्शकों के बीच चीख-पुकार मच गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कुएं के संचालक और कर्मचारियों ने पानी तथा मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग लकड़ी के पूरे ढांचे में नहीं फैली, जिससे संभावित रूप से बड़ा हादसा टल गया।
आग बुझने तक बाइक बुरी तरह जल चुकी थी। घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि, उसकी चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मौत के कुएं जैसे जोखिम भरे खेल में आग बुझाने के उपकरण, आपातकालीन निकासी और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं, इसकी जांच जरूरी मानी जा रही है।
बाइक में आग लगने का वास्तविक कारण भी अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी खराबी या ईंधन रिसाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे की वजह और सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी
मौत के कुएं में बाइक से करतब दिखाना जोखिम भरा होता है। ऐसे आयोजनों में आग से बचाव के उपकरण, प्रशिक्षित कर्मचारी और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के कारणों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।






