जमशेदपुर, 05 अक्टूबर। जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मोहन यादव और उसके एक साथी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और शूटरों की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस टीम दोनों आरोपियों को लेकर जमशेदपुर के लिए रवाना हो चुकी है। माना जा रहा है कि जमशेदपुर पहुंचने के बाद पुलिस दोनों से पूछताछ करेगी और इसके बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जा सकता है।
चंडीगढ़ से गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे कई राज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी मोहन यादव पुलिस के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के चंडीगढ़ में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने वहां कार्रवाई कर मोहन यादव और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को फायरिंग की साजिश और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
शूटरों को बाइक और सामान उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहन यादव के साथी के अलावा शूटरों को बाइक और अन्य सामान उपलब्ध कराने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इन गिरफ्तारियों को जोड़कर फायरिंग के पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि फायरिंग की साजिश किसने रची, शूटरों को किसने निर्देश दिया और वारदात के लिए हथियार व अन्य संसाधन किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए।
छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार चार आरोपी 72 घंटे की रिमांड पर
इस मामले में पुलिस पहले ही छत्तीसगढ़ से मनोज सरकार, टीटू शर्मा, दीपू ओझा और शंकर मुंडा को गिरफ्तार कर चुकी है। चारों आरोपियों को पुलिस ने 72 घंटे की रिमांड पर लिया है।
रिमांड के दौरान पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। अब पुलिस इन जानकारियों को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी से जोड़कर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
26 सितंबर को रेस्टोरेंट में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
गौरतलब है कि 26 सितंबर को मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में बाइक सवार दो युवकों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी। बताया गया कि दोनों शूटरों ने करीब 12 राउंड फायरिंग की थी।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। फायरिंग में तीन लोग घायल हुए थे।
तीन लोगों को लगी थी गोली
फायरिंग की घटना में कदमा के जयप्रभा कॉम्प्लेक्स निवासी डोमनिक सैमसन, कपाली निवासी रिजवान दिलशाद और सोनारी निवासी कृष्णा घायल हुए थे। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
वारदात के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस खंगाल रही फायरिंग के पीछे की वजह
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल फायरिंग के पीछे की वजह का है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण था और इसके पीछे किसी आपराधिक गिरोह या अन्य नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
इसके साथ ही पुलिस शूटरों की पहचान, उन्हें निर्देश देने वाले लोगों, हथियार की व्यवस्था और घटना के बाद आरोपियों को छिपाने या फरार कराने में मदद करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जल्द हो सकता है पूरे मामले का खुलासा
पुलिस टीम के चंडीगढ़ से गिरफ्तार आरोपियों को लेकर जमशेदपुर पहुंचने के बाद पूछताछ का दौर और तेज होने की उम्मीद है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों और पूछताछ से मिली जानकारियों को जोड़कर फायरिंग की पूरी साजिश और उससे जुड़े नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिंदल मॉल फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी की भूमिका, शूटरों के नेटवर्क, हथियार और वारदात के पीछे के कारणों का विस्तृत खुलासा कर सकती है।






