पटना, 04 सितंबर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता का प्रतीक हैं पर्व-त्योहार
मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में पर्व-त्योहारों की लंबी श्रृंखला है। ये पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता के प्रतीक हैं।
पारंपरिक रीति-रिवाज से मनाया जाता है जन्माष्टमी का पर्व
उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी के रूप में पूरे देश में बड़े धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया जाता है।
श्रीकृष्ण के आदर्शों और कर्मयोग के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर लोग भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके कर्मयोग के उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं। साथ ही अपने सुख, समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं।
सामाजिक समरसता और प्रेम का वातावरण मजबूत होने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व प्रदेश में सामाजिक समरसता, प्रेम और उत्साह के वातावरण को और मजबूत करेगा। उन्होंने कामना की कि बिहार सुखी, समृद्ध और विकसित प्रदेश बने।






