—गड़बेता की ‘लोकतंत्र बचाओ’ सभा में शुभेंदु अधिकारी ने 2024 की चुनावी हिंसा और 2007 के नंदीग्राम प्रकरण का उठाया मुद्दा, आगामी बजट में गड़बेता को अनुमंडल का दर्जा देने की घोषणा
कोलकाता, 31 अक्टूबर । पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गड़बेता में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘लोकतंत्र बचाओ’ सभा में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुई कथित हिंसा से लेकर 2007 के नंदीग्राम प्रकरण तक के मामलों को उठाते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही। उन्होंने नंदीग्राम के चर्चित ‘ऑपरेशन सूर्योदय’ से जुड़ी फाइल दोबारा खुलवाने का भी ऐलान किया।
प्रणत टुडू पर हमले का मामला उठाया
सभा में शुभेंदु अधिकारी ने मई 2024 में झाड़ग्राम से भाजपा उम्मीदवार डॉ. प्रणत टुडू पर हुए कथित हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन प्रणत टुडू और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया था। घटना के बाद प्रणत टुडू ने गड़बेता अस्पताल में इलाज कराया था और पुलिस तथा चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शुभेंदु अधिकारी ने प्रणत टुडू से उस दिन दर्ज एफआईआर की प्रति मांगी और पुलिस से सवाल किया कि मामले में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल जिन लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने केशपुर में भी इसी तरह की घटनाएं होने का आरोप लगाया।
काफिले पर हमले की घटना भी याद दिलाई
सभा में उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रकोना में अपने काफिले पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पुरुलिया से लौटने के दौरान उनके काफिले को निशाना बनाया गया था और उन्हें पूरी रात थाने में बितानी पड़ी थी।
नंदीग्राम के ‘ऑपरेशन सूर्योदय’ की फाइल खोलने की बात
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने माकपा और उसके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया। माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम की एक टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन्होंने 17 साल पुराने नंदीग्राम प्रकरण की फाइल दोबारा खुलवाने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि 10 नवंबर 2007 को भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान नंदीग्राम में हिंसा हुई थी। उस समय राज्य में माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार सत्ता में थी। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में हमले के लिए पश्चिम मेदिनीपुर के गड़बेता स्थित माकपा कार्यालय से हथियार भेजे गए थे।
उन्होंने छोट अंगरिया से लेकर नंदीग्राम तक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों की दोबारा जांच कराई जाएगी। उन्होंने गड़बेता के स्थानीय नेताओं तपन घोष और सुकुर अली के बारे में भी सवाल उठाया। जिला पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना की मौजूदगी में उन्होंने दोनों को तलाशने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
तृणमूल और माकपा पर मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने जंगलमहल क्षेत्र में भाजपा के चुनावी प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए तृणमूल कांग्रेस और माकपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल मिलकर क्षेत्र में अराजकता पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से इसका राजनीतिक रूप से मुकाबला करने की अपील की।
उन्होंने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस की कार्यप्रणाली पर नजर रखने की सलाह भी दी। कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी सड़क पर अवैध वसूली करता है या गो-तस्करी जैसी गतिविधियां सामने आती हैं, तो इसकी सूचना प्रशासन को दी जानी चाहिए।
गड़बेता को अनुमंडल का दर्जा देने की घोषणा
सभा के अंत में शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी राज्य बजट में गड़बेता को आधिकारिक तौर पर अनुमंडल का दर्जा दिया जाएगा। इस घोषणा को उन्होंने क्षेत्र के प्रशासनिक और विकासात्मक विस्तार से जोड़कर पेश किया।






