खूंटी: खूंटी जिले में कानून व्यवस्था और अपराधियों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने 7 जनवरी को हुए बहुचर्चित सोमा मुंडा हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। जमुवादाग तालाब के समीप दंगल संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाले दो शूटरों और मुख्य साजिशकर्ताओं समेत छह और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया है।
खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए तोरपा एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से पहले ही आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था, और अब छह अन्य को दबोचा गया है। आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि सोमा मुंडा जमीन के कारोबार में लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे, जिससे नाराज होकर जमीन कारोबारियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की खूनी साजिश रची।
रेकी कर मारी गई थी गोली
पकड़े गए अपराधियों ने बताया कि सोमा मुंडा की हत्या के लिए बाकायदा उनकी गतिविधियों की रेकी की गई थी। इसके बाद शूटरों ने मौका पाकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल, एक टाटा टियागो कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा शूटरों द्वारा इस्तेमाल किए गए हेलमेट और जूते-चप्पल भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में दानियल संगा, सुमित दगल सांड, मारकुस संगा, रोशन मिचयाड़ी, संदीप खलखो और संतोष दगल सांड शामिल हैं। एसपी ने दावा किया है कि इस मामले में शामिल कुछ अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद खूंटी के जमीन कारोबारियों और अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही सभी फरार अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस का दावा है कि इस मामले का लगभग पूरा खुलासा कर लिया गया है। जमीन विवाद को हत्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।





