कोलकाता, 18 अक्टूबर । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आयोजक समिति से जुड़े लोगों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने का फैसला किया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सभी प्रमुख पूजा पंडालों की होगी सुरक्षा जांच
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे के बाद प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, निकास मार्गों और ढांचागत सुरक्षा की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है। समिति सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारों के लिए दिशा-निर्देश देगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारी प्रमुख पूजा पंडालों का दौरा करेंगे। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम, आपातकालीन निकास और पंडालों की संरचना की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा।
समिति में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
भव्य सजावट से ज्यादा श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर
राज्य सरकार ने पूजा आयोजकों को सुरक्षा संबंधी सिफारिशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि पंडालों की भव्यता और थीम के मुकाबले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
यदि किसी पंडाल की जटिल संरचना से सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा होता है या श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होती है, तो धार्मिक अनुष्ठानों को गर्भगृह तक सीमित रखने और बाहर एलईडी स्क्रीन लगाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
प्रशासन ने निकास मार्गों को चौड़ा करने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और रस्सियों से बनाए गए घेरों के कारण रास्ते संकरे होने जैसी समस्याओं को दूर करने पर भी जोर दिया है।
बारिश और भीड़ बढ़ने के बीच मची भगदड़
चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम महासप्तमी के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल में लोगों की आवाजाही बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई और 25 अन्य घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों तथा सुरक्षा प्रबंधन में संभावित चूक की पड़ताल की जा रही है।
सात लोगों की गिरफ्तारी, गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
कोलकाता पुलिस ने घटना के सिलसिले में आयोजक समिति से जुड़े लोगों सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों और आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी
हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी समूह-डी पद पर नौकरी देने की घोषणा की।
दुर्गा पूजा के शेष दिनों में अष्टमी और नवमी के दौरान भी पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रमुख पंडालों में सुरक्षा जांच और सुधारात्मक कदमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।






