पटना। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, मांझी वायरल फीवर से पीड़ित हैं। इसके साथ ही उनका शुगर लेवल भी बढ़ गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनके स्वास्थ्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वायरल फीवर और बढ़े शुगर लेवल के बाद अस्पताल में भर्ती
जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर जीतन राम मांझी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। वायरल फीवर के साथ शुगर लेवल बढ़ने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।
आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा में हैं मांझी
जीतन राम मांझी इन दिनों आरक्षण के मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा में हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर कहा था कि यह संविधान से मिला अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की बात कही थी।
चिराग पासवान के बयान पर बढ़ा विवाद
चिराग पासवान के बयान के बाद मांझी के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा था कि आरक्षण की समीक्षा की बात को इसे खत्म करने की मांग के तौर पर देखना सही नहीं है।
इसके बाद जीतन राम मांझी ने भी आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि आरक्षण के भीतर पिछड़ी जातियों को अलग से आरक्षण दिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की थी।
फिलहाल मांझी के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।






