ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम के बाद 20 हजार टन LPG लेकर ‘जग विक्रम’ जहाज ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट

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नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के अस्थायी संघर्ष विराम के बाद ‘जग विक्रम’ नामक भारतीय ध्वज वाला एलपीजी से लदा जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया है। जहाज में करीब 20,000 टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) होने का अनुमान है।

ऊर्जा आपूर्ति को राहत

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, संघर्ष विराम के बाद इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने वाला यह पहला भारतीय जहाज है। इसके सफलतापूर्वक पार होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अब भी कई भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ा जहाज

‘जग विक्रम’ शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच जलडमरूमध्य पार कर गया और शनिवार दोपहर तक ओमान की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में पहुंच गया। मार्च की शुरुआत से अब तक यह फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है।

अभी भी कई जहाज फंसे

जानकारी के मुताबिक, करीब 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी इस क्षेत्र में रुके हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के समय इस क्षेत्र में कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे।

जहाज की क्षमता और महत्व

‘जग विक्रम’ मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज है, जिसकी वहन क्षमता 26,000 टन से अधिक है। इससे पहले पश्चिमी हिस्से से आठ और पूर्वी हिस्से से दो जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं, जबकि कई विदेशी जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में रुके हुए हैं।

भारत की ऊर्जा निर्भरता

गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश करीब 88% कच्चा तेल, लगभग आधी प्राकृतिक गैस और करीब 60% एलपीजी आयात करता है। इनका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है।

संघर्ष के दौरान इस मार्ग के बाधित होने से भारत में एलपीजी और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई थी। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति घटानी पड़ी थी, जिसे अब धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।

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