तेहरान/वाशिंगटन, 21 जुलाई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष का असर अब दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच गया है। यहां एक तेल टैंकर पर हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई है। ईरान ने दो तेल टैंकरों में धमाके और आग लगने की पुष्टि की है, जबकि यूके मैरीटाइम ऑपरेशन्स को भी इस संबंध में कई रिपोर्ट मिली हैं।
ओमान तट के पास टैंकर पर हमला
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के लिमाह तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में सोमवार दोपहर एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। घटना के बाद जहाज में आग लग गई।
यूके मैरीटाइम ऑपरेशन्स ने संबंधित शिपिंग कंपनी के सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) से संपर्क किया। सीएसओ ने बताया कि जहाज के चालक दल ने सुरक्षा के लिए जहाज छोड़ दिया और सभी सदस्य लाइफबोट में चले गए।
आईआरजीसी ने हमले की जिम्मेदारी ली
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई।
आईआरजीसी का आरोप है कि इन जहाजों ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। हालांकि, घटना को लेकर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समुद्री यातायात पर नजर, पर्यावरणीय नुकसान की सूचना नहीं
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने कहा है कि फिलहाल पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे पहले भी ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तटों के पास दो जहाजों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज किए
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान पूरा किया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों तथा एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।
सेंटकॉम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी सेना ने सैकड़ों व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा में मदद की है।
करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि 7 जुलाई से अब तक लगभग 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से अधिकांश सैनिक इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं, मध्यस्थ देशों की ओर से दोनों देशों के बीच 10 दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव भी सामने आया है।
ईरान और अमेरिका के बीच हमले जारी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के कई इलाकों में लगातार हमले किए गए हैं। वहीं, आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी रडार सिस्टम, संचार केंद्र, सैटेलाइट सिस्टम और ड्रोन सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहराती जा रही है।






