वाशिंगटन/बीजिंग, 07 मई — डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है और अब दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना काफी बढ़ गई है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए कूटनीतिक संदेशों का आदान-प्रदान तेज हो गया है।
ट्रंप ने रोका ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’
ट्रंप ने हार्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए अमेरिकी सेना के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव अभी भी बना हुआ है।
“ईरान समझौता चाहता है”
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल बातचीत के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है, लेकिन समझौता संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है।
ट्रंप ने दावा किया कि यदि मौजूदा हालात जारी रहे तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में वर्षों लग सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
पाकिस्तान बना मध्यस्थ
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, तेहरान ने अभी तक वाशिंगटन के ताजा प्रस्ताव पर औपचारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन पाकिस्तान के जरिए दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
चीन पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बीजिंग पहुंचे, जहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
वांग यी ने चीन को ईरान का “भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार” बताते हुए अमेरिका-इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई की आलोचना की और तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया।
फारस की खाड़ी पर चिंता
चीन ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और क्षेत्रीय देशों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। ईरान ने दोहराया कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता का मुख्य कारण क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी है।
ट्रंप की चीन यात्रा पर नजर
अब्बास अराघची की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब ट्रंप अगले सप्ताह चीन जाने वाले हैं। 14-15 मई को उनकी शी जिनपिंग के साथ उच्चस्तरीय शिखर वार्ता प्रस्तावित है।
सऊदी अरब से भी बातचीत
ईरानी विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से भी फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों पर चर्चा की।





