अपने पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान का आक्रामक रुख, बोले- ‘प्रतिशोध हमारा अधिकार’

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तेहरान। ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीखी चेतावनी दी। उन्होंने इसे “मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा” बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों से बदला लेना ईरान का “वैध कर्तव्य और अधिकार” है।

राष्ट्र के नाम अपने पहले संदेश में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के ठिकानों पर “शक्तिशाली हमले” जारी रखेंगे। उन्होंने खामेनेई को “शहीद” घोषित करते हुए कहा कि देश उनके पदचिह्नों पर आगे बढ़ेगा।

नई नेतृत्व परिषद की घोषणा

राष्ट्रपति ने यह भी पुष्टि की कि एक “नई नेतृत्व परिषद” ने कामकाज संभाल लिया है, जो संक्रमण काल में शासन व्यवस्था की देखरेख करेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मस्जिदों और सड़कों पर एकजुट होकर दुश्मनों की “साजिशों” को नाकाम करें।

इस बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इराकी कुर्दिस्तान के कुछ इलाकों पर नए हमलों की घोषणा की। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी ने कहा कि सशस्त्र बल हमले के जिम्मेदार पक्षों को “अविस्मरणीय सबक” सिखाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पेजेश्कियान 2024 में सुधारवादी उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। उन्होंने सितंबर 2024 में यूएन आम सभा में अपने पहले संबोधन में “राष्ट्रीय एकता” और “विश्व के साथ रचनात्मक संवाद” पर जोर दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता और पश्चिमी देशों के साथ तनाव कम करने के लिए तैयार है।

हालांकि, अपने पहले संबोधन में नवविर्वाचित ईरानी राष्ट्रपति का रुख पूरी तरह से रक्षात्मक और प्रतिशोधी दिखाई दिया। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सर्वोच्च नेता की मौत की खबरों के बीच ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा

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